Friday, August 24, 2018

Raksha Bandhan kyon manaya jata hai

Raksha Bandhan

रक्षाबंधन भाई-बहन का पावन पर्व है जो  प्रतिवर्ष पुरे भारत देश में हिन्दू धर्म के लोग हर्ष उल्लास के साथ श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाते है.रक्षाबंधन में बहन अपने भाई को राखी बांधती है और यह राखी कच्चे धागे से लेकर महंगे वस्तु सोने व चांदी के चैन तक भी हो सकते हैं.इस साल रक्षाबंधन हमारे भारत देश में 26 अगस्त 2018 दिन रविवार को मनाया गया  .

रक्षाबंधन का महत्त्व-

भाई बहनों के बीच मनाया जाने वाला इस पावन पर्व में राखी का बड़ा ही महत्त्व होता है रक्षाबंधन का अर्थ ही होता है रक्षा-धागा या रक्षा का बंधन !एक पुरानी श्लोक है जिसमे कहा गया है -
"येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल;
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल "
इसका अर्थ है -जिस रक्षा सूत्र से महान शक्तिशाली राजबलि को बांधा गया था उसी सूत्र से मै तुझे बांधता हूँ हे राखी तुम अडिग रहना !कभी विचलित मत होना .

रक्षाबंधन कैसे मनाई जाती है -

1.सबसे पहले प्रातःकाल उठ कर स्नान कर नया कपड़ा पहनते हैं
2.इसके बाद पूजा सामान सजाई जाती है
3.पूजा सामान में तिलक,कपूर,राखी और मिठाई रखते हैं
4.मुर्हत समय पर बहन अपने भाई को आरती कर तिलक लगा कर राखी बांधती है
5.राखी बांधने के बाद मिठाई बहन द्वारा अपने भाई को खिलाई जाती है
6.इसके बाद जो छोटा होता है वो पाने बड़े भाई या बहन को प्रणाम करती है
7.सबसे आखरी में भाई अपनी बहन को तोहफा या पैसा देता है

रक्षाबंधन संबंधीत कथा -

कृष्ण और द्रोपती - महाभारत काल में जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई तभी द्रौपदी ने उसी समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी। यह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। कृष्ण ने इस उपकार का बदला बाद में चीरहरण के समय उनकी साड़ी को बढ़ाकर चुकाया था, कहते हैं परस्पर एक दूसरे की रक्षा और सहयोग की भावना रक्षाबन्धन के पर्व में यहीं से प्रारम्भ हुई और आजतक इसे हर्ष उल्लास के साथ मनाया जा रहा है .

हुमायुं और राना कर्णावती - एतिहासिक गाथा के अनुसार महाराजा चितौड़ की बेटी रानी कर्णावती और हुमायुं के पिता राजा बाबुर के बीच युद्ध होने वाली रहती है तभी महाराजा बाबूर कहते हैं हम किसी स्त्री पर हाथ नही उठाते इसी समय रानी कर्णावती और मुग़ल शासक महाराजा बाबूर की समझौता होता है जिसमे महाराजा बाबूर कहते है आज से हम आपको बेटी मानते हैं और हमारा बीटा हुमायुं आपका भाई हुआ इसी बीच रानी कर्णावती हुमायुं को साड़ी का टुकड़ा बांधती है और हुमायुं कसम खाता है आपकी रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है और मै अपनी आखरी  खून के कतरा तक अपनी बहन की जान बचाऊंगा .

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