Saturday, September 8, 2018

why is ganesh chaturthi celebrated in hindi गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है ?

मै आज के पोस्ट में गणेश चतुर्थी  के बारे में बताऊंगा। भारतीय हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी लोकप्रिय एवं मनमोहक पर्व है। गणेश चतुर्थी का त्यौहार हमारे भारत देश में प्रत्येक साल अगस्त या सितम्बर महीना में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी गणेश भगवान के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहते हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े ही धूम से लोग मनाते हैं।इस साल 2018 में गणेश चतुर्थी 13 सितम्बर दिन गुरूवार को है।
ganesh chaturthi 2018




गणेश चतुर्थी का महत्व-

  • हिन्दू धर्म के अनुसार किसी कार्य को प्रारम्भ करने से पहले गणेश भगवान की पूजा करते हैं। किसी काम की शुरुआत करना को ही श्री गणेश करना कहा जाता है। 
  • गणेश भगवान का पर्व सामाजिक महोत्सव है। जिसमे सभी लोग मिलकर भगवान गणेश का स्थापना कर पूजा-पाठ करते हैं। इससे लोगों में भाई-चारा की भाव उत्पन्न होती है। 
  • लोग अपने जीवन में सुख-समृधि प्राप्त करने के लिए गणेश भगवान की पूजा करते हैं। 
  • ऐसा माना जाता है की गणेश भगवान की पूजा करने पर सारे कष्ट मिट जाते हैं सभी संकर का हरण हो जाता है। 

गणेश भगवान पर निबंध Ganesh chaturthi essay in hindi- 

गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। गणेश चतुर्थी का अर्थ - गणेश भगवान का जन्म भाद्रपद महिना के कृष्णपक्ष में चतुर्थी के दिन गणेश भगवान का जन्म होने के कारण गणेश चतुर्थी कहा जाता है। गणेश भगवान के पिताजी का नाम शिवशंकर (भोलेनाथ) एवं माताजी का नाम पार्वती है। भगवान गणेश का सिर हाथी का होता है जिसके कारण भगवान गणेश को गजानंद भी कहते हैं और गणेश भगवान का पेट बड़ा एवं उभरा हुआ होता है।

इसी कारण गणेश जी को लम्बोदर भी कहा जाता है।गणेश जी के अनेक नाम हैं जिनमे गणेश, गणेशा, गजानंद,लम्बोदर,गणपति बप्पा कहकर लोग अधिक पुकारते हैं। गणेश भगवान की पत्नी दो हैं जिनके नाम रिध्ही और सिध्ही है। एवं गणेश भगवान के वाहन मूषक है। गणेश भगवान की पूजा धुप, अगरबत्ती, पान, फुल, एवं प्रसाद के साथ किया जाता है। गणेश भगवान मीठा खाने के शौकीन थे इसलिए लड्डू का चढ़ावा करते हैं। और लड्डू का प्रसाद के रूप में लोगों को देते हैं।




गणेश जी का स्वागत -


गणेश भगवान का स्वागत हर्ष-उल्लाष के साथ मनाया जाता है। गणेश भगवान की पूजा छोटे-छोटे गाँवो से लेकर बड़े बड़े शहरों में मनाया जाता है। जिसमे सास्क्रतिक कार्यक्रम भी किया जाता है। गणेश चतुर्थी महारास्ट्र में बहुत ही प्रसिद्ध है। महारास्ट्र राज्य के आलावा गणेश जी की झांकी प्रदर्शन रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) में बहुत ही शानदार तरीके से मनाया जाता है। जिसे देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं।

Ganesh chaturthi 2018

गणेश चतुर्थी मुहर्त समय प्रारम्भ  12सितम्बर 2018 को शाम 04: 07 बजे से  13 सितम्बर 2018 को दोपहर 02 :51 बजे तक। और गणेश भगवान का पूजा का समय 13 सितम्बर 2018 को सुबह 11.03 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक। 

Ganesha birth story in hindi गणेश जी जन्म कथा -

शिवपुराण के अनुसार पार्वती माता स्नान करने गयी वहाँ कोई भी रक्षक नहीं होने के कारण पार्वती माता ने चन्दन के लेप से एक छोटा बालक बनाया और उस बालक का नाम गणेश दिया  तथा माता पार्वती ने गणेश जी को अपनी सुरक्षा के लिए घर के बाहर तैनात कर दिया और कहा बिना अनुमति के घर के अन्दर आने नहीं देना। उसी समय शिव भगवान का आगमन हुआ और गणेश भगवान ने शिव जी को घर अन्दर जाने से मना किया। 



इसी बीच शिव भगवान ने अपनी सवारी नंदी बैल को युद्ध करने के लिए भेज दिए। गणेश भगवान ने नंदी बैल को हरा दिया यह देख कर भगवान शिव क्रोधित हुए और शिव भगवान और गणेश जी के बीच  युद्ध हुआ और शिव भगवान ने गणेश जी के सिर काट दिए इसके बाद माता पार्वती को पता चला और शिव भगवान से जिद करने लगे भगवान शिव ने कहा मै गणेश को जीवित कर सकता हूँ , मै इसके सिर को वापस लगा कर जीवित नहीं कर सकता  लेकिन  किसी अन्य प्राणी के सिर को लगा कर जीवित कर सकता हूँ। माता पार्वती रोते हुए कहने लगे मेरा पुत्र किसी भी हाल में चाहिए और शिव भगवान ने जीवित करने के लिए हाथी का सिर को गणेश जी के शरीर में लगा दिया और भगवान गणेश को जीवित किया।

Ganpati bappa story in hindi

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव गणेश भगवान और कार्तिके को पृथ्वी के चक्कर लगाने के लिए बोलते हैं और बोलते हैं जो पहले पृथ्वी के चक्कर पहले लगा कर आएगा वो देवतावों के रक्षा करने के लिए जायेगा।
 कार्तिके अपने वाहन मोर के साथ पृथ्वी के चक्कर लगाने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन गणेश भगवान की सवारी मूषक होने के कारण पृथ्वी के पूरा चक्कर जल्दी नहीं लगा सकते थे। 
वो सोचते हैं और अपने माता पार्वती और पिता शिवशंकर के सात बार परिक्रमा करके उनका प्रणाम करके खड़े हो जाते हैं।   उसके बाद गणेश जी का भाई कार्तिके पृथ्वी के परिक्रमा कर तुरंत आ जाते हैं। और शिवभगवान गणेश जी को पूछते हैं। तुम क्यों नही गये पृथ्वी का परिक्रमा करने के लिए ?
 तब गणेश जी भगवान शिव को बोलते हैं -“माता पिता में ही तो पूरी दुनिया बसी है?  चाहे में पृथ्वी की परिक्रमा करूँ या अपने माता पिता की एक ही बात है। गणेश जी के यह बात सुनकर भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। और शिव भगवान  गणेश जी को यह आशीर्वाद देते हैं कि कृष्ण पक्ष के चतुर्थी में जो भी व्यक्ति तुम्हारी पूजा और व्रत करेगा उसके सभी दुःख दूर होंगे और भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी। इसीलिए गणेश भगवान की पूजा लोग करते हैं।



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